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Census 2027: भारत की पहली ‘डिजिटल जनगणना’- सटीक डेटा से सशक्त होगा नया भारत

जनगणना 2027: भारत की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ से नीति निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

भारत अपनी 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना की तैयारी कर रहा है, जो इतिहास में पहली बार पूर्णतः डिजिटल होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जिससे देश के भविष्य के विकास के लिए सटीक और रीयल-टाइम डेटा प्राप्त होगा।

डिजिटल जनगणना की मुख्य विशेषताएं

नीति निर्माण और शासन पर प्रभाव

डिजिटल जनगणना केवल एक गिनती नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने का जरिया है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  1. सटीक नीति निर्धारण: रीयल-टाइम डेटा उपलब्धता से सामाजिक कल्याण योजनाओं (जैसे DBT, खाद्य सुरक्षा) का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना आसान होगा।
  2. परिसीमन (Delimitation): जनगणना 2027 का डेटा लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के नए सिरे से परिसीमन का आधार बनेगा।
  3. महिला आरक्षण: संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का कार्यान्वयन भी इसी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा है।
  4. सटीक लक्ष्यीकरण: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (बिजली, पानी) से संबंधित डेटा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मदद करेगा।

दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल कवायद

लगभग 144 करोड़ की आबादी के साथ, यह दुनिया का सबसे बड़ा डेटा संग्रह अभ्यास है। सरकार ने इसके लिए ₹11,718.24 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 30 लाख फील्ड वर्कर शामिल होंगे, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से डेटा की सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

डिजिटल जनगणना 2027 ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

क्या आप जानना चाहते हैं कि सेल्फ-एन्युमरेशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है?

जनगणना 2027 : भारत की पहली डिजिटल गणना, डिजिटल भारत की नई पहचान !

सेल्फ-एन्युमरेशन पोर्टल (Self-Enumeration Portal) पर अपनी जानकारी दर्ज करने की सरल प्रक्रिया दी गई है:

रजिस्ट्रेशन और डेटा भरने के स्टेप्स:

  1. पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर लॉग इन करें।
  2. मोबाइल नंबर का उपयोग: अपना सक्रिय मोबाइल नंबर डालें। आपके नंबर पर एक OTP (वन-टाइम पासवर्ड) आएगा।
  3. लॉगिन करें: OTP दर्ज करने के बाद आप पोर्टल के अंदर पहुँच जाएंगे।
  4. परिवार का विवरण भरें:
    • परिवार के मुखिया का विवरण और घर के सभी सदस्यों की जानकारी (नाम, उम्र, शिक्षा, पेशा आदि) भरें।
    • इस बार आवास संबंधी सुविधाओं (जैसे बिजली, पानी, शौचालय) पर भी प्रश्न होंगे।
  5. रेफरेंस नंबर (Reference Number): फॉर्म सबमिट करने के बाद, आपको अपने मोबाइल पर एक Reference Number प्राप्त होगा।
  6. गणनाकार को दिखाएं: जब जनगणना कर्मी (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको बस उन्हें वह Reference Number दिखाना होगा। वे आपके डेटा को अपने डिवाइस में सिंक (Sync) कर लेंगे और आपको दोबारा पूरी जानकारी देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

कुछ ज़रूरी बातें:

जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना) के लिए 33 सवालों की सूची तय की गई है। यहाँ मुख्य 31+ सवालों की श्रेणीवार जानकारी दी गई है:

मकान और बुनियादी ढांचा (Housing & Infrastructure)

  1. भवन संख्या: नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा दी गई संख्या।
  2. जनगणना मकान नंबर: विशिष्ट पहचान संख्या।
  3. फर्श की सामग्री: फर्श बनाने में इस्तेमाल मुख्य सामग्री।
  4. दीवार की सामग्री: दीवार बनाने में प्रयुक्त सामग्री।
  5. छत की सामग्री: छत के लिए इस्तेमाल की गई मुख्य वस्तु।
  6. मकान का उपयोग: क्या मकान आवासीय है या अन्य कार्यों के लिए है।
  7. मकान की स्थिति: अच्छी, रहने योग्य या जर्जर। 

परिवार का विवरण (Household Details)

  1. परिवार संख्या: परिवार को आवंटित नंबर।
  2. कुल सदस्य: सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या।
  3. मुखिया का नाम: परिवार के मुख्य व्यक्ति का नाम।
  4. मुखिया का लिंग: पुरुष, महिला या अन्य।
  5. जाति श्रेणी: क्या मुखिया अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य से हैं।
  6. मकान का स्वामित्व: खुद का मकान है या किराए का।
  7. कमरों की संख्या: परिवार के पास रहने के लिए कुल कितने कमरे हैं।
  8. विवाहित जोड़े: परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या।

सुविधाएं और संसाधन (Amenities & Resources)

  1. पीने के पानी का स्रोत: पानी कहाँ से आता है।
  2. पानी की उपलब्धता: क्या पानी का स्रोत परिसर के भीतर है या बाहर।
  3. रोशनी का स्रोत: मुख्य रूप से बिजली या अन्य।
  4. शौचालय तक पहुँच: क्या शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
  5. शौचालय का प्रकार: फ्लश, पिट या अन्य प्रकार।
  6. गंदे पानी की निकासी: ड्रेनेज सिस्टम या खुला नाला।
  7. स्नान सुविधा: क्या घर में नहाने की जगह है।
  8. रसोई और गैस कनेक्शन: क्या रसोई अलग है और LPG/PNG कनेक्शन उपलब्ध है।
  9. खाना पकाने का ईंधन: रसोई गैस, लकड़ी, केरोसिन या बिजली। 

संपत्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी (Assets & Connectivity)

  1. रेडियो/ट्रांजिस्टर: घर में उपलब्धता।
  2. टेलीविजन: टीवी सेट की उपलब्धता।
  3. इंटरनेट सुविधा: क्या घर में इंटरनेट एक्सेस है।
  4. लैपटॉप/कंप्यूटर: व्यक्तिगत कंप्यूटर की उपलब्धता।
  5. टेलीफोन/स्मार्टफोन: मोबाइल या लैंडलाइन फोन की जानकारी।
  6. दोपहिया वाहन: साइकिल, स्कूटर या मोटरसाइकिल।
  7. चार पहिया वाहन: कार, जीप या वैन।
  8. मुख्य अनाज: परिवार में खाया जाने वाला मुख्य अनाज (जैसे चावल, गेहूं)।
  9. मोबाइल नंबर: केवल जनगणना संबंधी सूचनाओं के लिए।

इन सवालों के जवाब आप सेंसस पोर्टल पर सेल्फ-एन्युमरेशन के दौरान दे सकते हैं। 

क्या आप अपने क्षेत्र के लिए जनगणना की तारीखों के बारे में जानना चाहते हैं?

जनगणना 2027 की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है। वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, सेल्फ-एन्युमरेशन (स्व-गणना) की अवधि अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भिन्न है। 

यहाँ राज्य-वार महत्वपूर्ण तारीखों का विवरण दिया गया है:

चरण 1: मकान सूचीकरण और स्व-गणना (अप्रैल – सितंबर 2026)

इस चरण में प्रत्येक राज्य को डेटा संग्रह के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है, जिससे ठीक 15 दिन पहले स्व-गणना (Self-Enumeration) पोर्टल खोला जाता है। 

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश स्व-गणना की अवधि (Self-Enumeration)मकान सूचीकरण की अवधि (Houselisting)

अंडमानगोवाकर्नाटक, दिल्ली (NDMC), ओडिशासिक्किम-1 अप्रैल – 15 अप्रैल 2026, 16 अप्रैल – 15 मई 2026

गुजरात, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव-5 अप्रैल – 19 अप्रैल 2026, 20 अप्रैल – 19 मई 2026

उत्तराखंड-10 अप्रैल – 24 अप्रैल 2026, 25 अप्रैल – 24 मई 2026

मध्य प्रदेशआंध्र प्रदेशहरियाणाछत्तीसगढ़-16 अप्रैल – 30 अप्रैल 2026, 1 मई – 30 मई 2026

बिहार-17 अप्रैल – 1 मई 2026, 2 मई – 31 मई 2026

तेलंगाना-26 अप्रैल – 10 मई 2026, 11 मई – 9 जून 2026

पंजाब-30 अप्रैल – 14 मई 2026, 15 मई – 13 जून 2026

उत्तर प्रदेश-7 मई – 21 मई 2026, 22 मई – 20 जून 2026

महाराष्ट्रराजस्थान, दिल्ली (MCD), झारखंड-1 मई – 15 मई 2026, 16 मई – 14 जून 2026

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी-17 मई – 31 मई 2026, 1 जून – 30 जून 2026

हिमाचल प्रदेश-1 जून – 15 जून 2026, 16 जून – 15 जुलाई 2026

केरलनागालैंड-16 जून – 30 जून 2026, 1 जुलाई – 30 जुलाई 2026

तमिलनाडुत्रिपुरा-17 जुलाई – 31 जुलाई 2026, 1 अगस्त – 30 अगस्त 2026

असम-2 अगस्त – 16 अगस्त 2026, 17 अगस्त – 15 सितंबर 2026

चरण 2: जनसंख्या गणना (फरवरी 2027)

जैसा कि यह एक डिजिटल जनगणना है, सरकार ने इसे काफी सरल बनाया है। आपको फॉर्म भरने के लिए किसी भी दस्तावेज की हार्ड कॉपी अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।

हालाँकि, सटीक जानकारी भरने के लिए आपको निम्नलिखित विवरण/दस्तावेज अपने पास रखने चाहिए:

  1. आधार कार्ड (Aadhaar Card): परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर, क्योंकि यह पहचान को सत्यापित करने में मदद करता है।
  2. मोबाइल नंबर: रजिस्ट्रेशन और OTP प्राप्त करने के लिए एक सक्रिय मोबाइल नंबर।
  3. वोटर आईडी (Voter ID): यदि उपलब्ध हो, तो निर्वाचन क्षेत्र के विवरण के लिए।
  4. राशन कार्ड (Ration Card): परिवार के सदस्यों की सूची और श्रेणी (APL/BPL) की सही जानकारी के लिए।
  5. एलपीजी कनेक्शन नंबर (LPG Connection ID): रसोई गैस संबंधी सवाल का जवाब देने के लिए।
  6. बिजली बिल (Electricity Bill): घर के पते और बिजली कनेक्शन के विवरण की पुष्टि के लिए।

महत्वपूर्ण: जनगणना कर्मी (Enumerator) जब आपके घर आएंगे, तो वे आपसे कोई दस्तावेज नहीं मांगेंगे और न ही आपको पोर्टल पर कुछ अपलोड करना है। यह केवल आपकी जानकारी की सटीकता के लिए है।

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