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Gorakhpur – गोरखपुर में घूमने की प्रसिद्ध जगह

Gorakhpur Khas

places to visit in gorakhpur

गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है,जो राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है, और ये उत्तर प्रदेश का जिला  राजधानी से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महान संत गोरक्षनाथ जी के नाम पर इस शहर का नाम गोरखपुर रखा गया है, इस शहर की मुख्य नदी राप्ती नदी है। साथ ही गोरखपुर में और भी बहुत सारी नदियां बहती हैं, गोरखपुर में घाघरा, रोहणी कुआनो आदि नदियां भी बहती हैं, गोरखपुर में कई सारे पर्यटन स्थल हैं जहां काफी दूर से लोग घूमने आते हैं।

गोरखपुर का इतिहास

प्राचीन शहर गोरखपुर में बस्ती, देवरिया, आजमगढ़ और नेपाल तराई के कुछ हिस्से के जिले शामिल थे। यह क्षेत्र जिसे गोरखपुर जनपद कहा जा सकता है आर्य संस्कृति और सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।1865 में नया जिला बस्ती, गोरखपुर से बनाया गया था, 1946 में नया जिला देवरिया बना फिर गोरखपुर के तीसरे विभाजन ने 1989 में महराजगंज जिले का निर्माण किया ।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व

गोरखपुर का अपना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है:

* यह जनपद महान भगवान बुद्ध,जो बौद्ध धर्म के संस्थापक जिन्होंने 600 ई.पू. रोहिन नदी के तट पर अपने राजशी वेशभूषाओं को त्याग दिया, और सच्चाई की खोज में निकल पड़े थे, उनसे यह जिला जुड़ा हुआ है।

* यह जिला भगवान महावीर24वे तीर्थंकर जैन धर्म के संस्थापक के साथ भी जुड़ा हुआ है |

* 4 फरवरी,1922 की ऐतिहासिक घटना चौरी चौरा यही गोरखपुर में ही हुई जो भारत की स्वतंत्रता        संग्राम के इतिहास में एक नया मोड़ था। पुलिस के अमानवीय बर्बर अत्याचारों पर गुस्से में स्वयं सेवकों ने चौरी चौरा पुलिस थाने को जला दिया, परिसर में 19 पुलिस कर्मियों की जलकर मौत हो गई, इस हिंसा के साथ महात्मा गांधी ने 1920 में शुरू हुए असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।

* एक और महत्वपूर्ण घटना 23 सितंबर, 1942 को डोहरिया में (सहजनवा तहसील में) हुई, 1942 के प्रसिद्ध भारत छोड़ो आंदोलन के जवाब में डोहरिया में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करने के लिए बैठक आयोजित की गई, लेकिन बाद में यह असफल रहा,और ब्रिटिश ने गोलियों से जवाब दिया, नौ लोग मारे गए और सैकड़ो लोग घायल हुए, उनकी याद में एक शहीद स्मारक वहां आज भी अपने याददाश्त को जीवित रखना है।

* गोरखपुर में वायुसेना का मुख्यालय भी है जो कोबरा स्क्वाड्रन के नाम से जाना जाता है।

पर्यटन स्थल

रामगढ़ ताल गोरखपुर: गोरखपुर में एक प्रमुख पर्यटन स्थल रामगढ़ ताल है जो की एक बहुत बड़ी झील है गोरखपुर शहर के बीचो-बीच स्थित यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है झील के किनारे आपको सुंदर गार्डन साथ ही इस झील के किनारे आप वोटिंग कभी मजा ले सकते हैं साथ ही यहां पर नौका विहार पॉइंट भी बना हुआ है, जहां पर आपको खाने पीने की चीजें, सेल्फी प्वाइंट आदि मिल जाते है।

गीता प्रेस गोरखपुर: भगवान श्री कृष्ण जी को समर्पित मंदिर गोरखपुर का एक प्रमुख स्थल है, यहां म्यूजियम भी है 1923 में गीता प्रेस की स्थापना की गई थी, जहां पर सभी भाषाओं में रामचरितमानस, श्रीमद् भागवत कथा की किताबें उपलब्ध रहती हैं। गीता प्रेस में प्रतिदिन 50000 से अधिक पुस्तकें छपती हैं, 92 वर्ष के इतिहास में मार्च 2014 तक गीता प्रेस से 52 करोड़ 25 लाख पुस्तक प्रकाशित हो चुके हैं, इनमें गीता 11 करोड़ 42 लाख रामायण 9 करोड़ 22 लाख कहते हैं,गीता प्रेस की पुस्तकों में हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, और शिव चालीसा की कीमत ₹1 से शुरू हो जाती है।

श्री बुढ़िया माई मंदिर गोरखपुर: गोरखपुर का यह एक धार्मिक स्थल श्री बुढ़िया माई मंदिर है, यहां मंदिर में बुढ़िया माई की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए लोग आते हैं, मंदिर के प्रवेश द्वार में गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए आपको मिलेगी, यह मंदिर  साखु के घने जंगलों के बीचोबीच स्थित है। कहा जाता है,कि आप सच्चे हृदय से इस मंदिर में दर्शन करने हेतु आते है, तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

तरकुलहा देवी मंदिर: तरकुलहा देवी मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो देवी तरकुलहा देवी (दुर्गा) को समर्पित है, यह मंदिर गोरखपुर के चौरी चौरा में स्थित है, तरकुलहा देवी को (दुर्गा) का एक रूप माना जाता है,उनका नाम तरकुल वृक्ष (ताड़ का पेड़) से लिया गया है, मंदिर में पशु बलि की परंपरा बंधु सिंह के बलिदान से जुड़ी है, कहा जाता है, कि वह देवी को बलि अर्पित करते थे, सितंबर 2019 में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरकुलहा देवी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 2.14 करोड़ रुपए की मंजूरी दी ।

लेहड़ा देवी मंदिर गोरखपुर: गोरखपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर लेहड़ा देवी मंदिर है, लेहड़ा देवी मंदिर गोरखपुर में फरेंदा तहसील से लगभग 5 किमी० की दूरी पर अदरौना  में स्थित है, कहते हैं पांडव के द्वारा इस मंदिर की स्थापना की गई थी, यह बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है, यहां पर घूमने के लिए आप सह परिवार आ सकते हैं।

श्री माता काली मंदिर गोरखपुर: गोरखपुर का यह एक प्रसिद्ध श्री काली माता का मंदिर जो की प्राचीन मंदिर है, मंदिर के गर्भ गृह में काली माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा विराजमान है, साथ ही यहां और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, इस मंदिर को गोलघर काली माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन: गोरखपुर जंक्शन (GKP) उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है जो पूर्वोत्तर रेलवे (NER) का मुख्यालय भी है, और अपने विश्व के सबसे लंबे प्लेटफार्म के लिए जाना जाता है।

शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर गोरखपुर): गोरखपुर देवरिया बाईपास रोड पर स्थित यह पूर्वांचल का पहला और यूपी का तीसरा चिड़ियाघर है, जो रामगढ़ ताल के किनारे बना है, और बच्चों के लिए एक बड़ा आकर्षण का केंद्र है।

प्रेमचंद पार्क: मुंशी प्रेमचंद के नाम पर यह पार्क बना हुआ है यहां भी टहलने और बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था बनाई गई है, और यह पार्क ठीक पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के सामने बना हुआ है, जो बच्चों के लिए पढ़ने, बैठने, खेलने के लिए सुविधा और आरामदायक है।

एम्स (AIIMS) गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित एक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है, जो अत्यधिक चिकित्सा सुविधा मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान प्रदान करता है, यहां 30 से अधिक विभाग, 550 बेड का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और कई विशेषज्ञ सेवाएं जैसे कैंसर सर्जरी जोड़ प्रतिस्थापन, न्यूरोलॉजी उपलब्ध है। जो पूर्वी भारत के रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाले देखभाल दे रहा है।

गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट ( HURL): यह एक प्राकृतिक गैस आधारित खाद्य कारखाना है, जिसे हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HIRL) द्वारा संचालित किया जाता है,जो सालाना 12.7 लाख मैट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन करता है, जिससे उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के किसानों को फायदा होता है, इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं, यह 1990 में बंद हुए पुराने कारखाने के स्थान पर बना है, और इसका उद्घाटन 2021 में हुआ था।

कैसे पहुंचे: गोरखपुर जाने के लिए आप हवाई मार्ग ,रेल मार्ग और सड़क मार्ग की सुविधा ले सकते है, गोरखपुर आने के लिए आपको हर जिले से सरकारी रोडवेज बस, ट्रेन और फ्लाइट की सुविधा है, जिससे आप बड़ी आसानी से पहुंच सकते है। लखनऊ से गोरखपुर NH28 सीधा मार्ग है |

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