अयोध्या में 20 से ज्यादा दर्शनीय स्थल
अयोध्या में घूमने के जगह: अयोध्या एक प्राचीन तथा ऐतिहासिक नगर है, जो उत्तर प्रदेश राज्य में “सरयू” नदी के किनारे पर स्थित है । अयोध्या भगवान “राम” का जन्म स्थान है ,भगवान “राम” को मर्यादा पुरुषोत्तम “श्री राम” भी कहा जाता है अर्थात जिसका मतलब है ! पुरुषों में उत्तम पुरुष।
पुराणों के अनुसार अयोध्या 9000 साल पुरानी है । अयोध्या को स्कंद पुराण में भारत के साथ पवित्र शहरों में से एक बताया गया है, विभिन्न ग्रंथों में अयोध्या का उल्लेख साकेत, कौशलपुरी, विष्णु पुरी ,रामनगरी जैसे नाम से जाना जाता है।
मुगल शासक बाबर के शासनकाल में यहां राम मंदिर को तुड़वाकर बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया, जिसे लेकर कई सालों तक विवाद चला सरयू नदी में गुप्त द्वार, हनुमानगढ़ की सुरंगे और बहुत सारी रहस्यमयी ध्वनियों की कहानियां सदियों से अयोध्या के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
अगर आप भी सर्दियों या गर्मियों की छुट्टियों में अयोध्या घूमना चाहते हैं, तो आप बिलकुल सही टाइम पर है, क्योंकि इस लेख में हम आपको यह बताने वाले है कि अयोध्या कैसे जाएं, कहां पर रुके, अयोध्या में घूमने की जगह कौन-कौन सी है।
अयोध्या में घूमने की प्रसिद्ध जगह:
1– श्री राम जन्म भूमि
2– हनुमान गढ़ी
3–दशरथ महल
4– कनक भवन
5– सीता रसोई
6– झुनकी घाट
7– नया घाट
8– सरयू घाट
9– गुप्तारघाट
10– राम की पैड़ी
11– तुलसी उद्यान
13– श्री नागेश्वर नाथ मंदिर
14– मणि पर्वत
15– गुलाब बाड़ी
16– देवकाली मंदिर
17– लता चौक
18– सूर्य पथ
19– भारत कुण्ड
20– सुग्रीव किला अयोध्या
21–छोटी छावनी
अयोध्या घूमने से पहले कुछ और जाने:
* रामायण में अयोध्या को “ईश्वर निर्मित” नगरी कहा गया जो अयोध्या के हर घर में भगवान राम का वास है।
* अयोध्या के रहस्यों का जिक्र विष्णु पुराण, स्कंद पुराण और वाल्मीकि रामायण में मिलता है।
* वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ऐतिहासिक नगरी का नाम फैजाबाद से बदलकर अयोध्या धाम तथा अयोध्या कैंट कर दिया गया
* अयोध्या रक्षक भगवान हनुमान भगवान शिव और माता सरयू आध्यात्मिक रूप से अयोध्या के वासियों की रक्षा करती है ।
हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ इस पावन भूमि पर , श्री राम के क्षेत्र के चारों ओर 84 कोसी परिक्रमा करते है । जो लगभग 252 किमी होती है ।
* मान्यता यह कि जो जन श्री राम जन्म भूमि की मिट्टी अपने घर ले जाता उसके घर में सुख समृद्धि और शांति बनी रहती है।
* माना जाता है कि जैन धर्म के पांच तीर्थंकरों का जन्म यहीं हुआ था ।
श्री राम जन्म भूमि मंदिर:
“राम जन्मभूमि” भगवान “राम” का जन्म स्थान है भारतीय महाकाव्य “रामायण” के अनुसार भगवान “विष्णु” के सातवें अवतार “राम” का जन्म यही हुआ था ।
अयोध्या को भगवान श्री राम के पूर्वज विवस्वान (सूर्य) के पुत्र वैवस्वत मनु ने बसाया था, तभी से इस नगरी पर सूर्यवंशी राजाओं का राज महाभारत काल तक रहा । यही पर प्रभु श्री राम का दशरथ के महल में हुआ था ।
श्री राम जन्म भूमि मंदिर सुबह 7 बजे से रात को 9 बजे तक खुला रहता है ।
कनक भवन: दशरथ महल से तथा हनुमान गढ़ी से 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह महल है कहा जाता है कि यह भवन सोने का बना हुआ था , जिसको रानी कैकई ने सीता माता को मुंह दिखाई में दिया था।
हनुमान गढ़ी: ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी अयोध्या के रखवाल है, और यह एक प्राचीन मंदिर है, भगवान राम के दर्शन करने से पहले हनुमान जी के दर्शन करना चाहिए । मुख्य पूजा स्थल तक पहुंचने के लिए आपको 76 सीढ़ियों को चढ़नी पड़ेगी । यह मंदिर नागर शैली में बनाया गया है , मंदिर के दीवारों पर हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक लिखे हुए है ।
सीता रसोई: सीता रसोई , राम मंदिर में स्थित है और इसका इतिहास महाकाव्य रामायण से जुड़ा है , और कहा जाता है कि इसी स्थान पर सीता महारानी हर रोज अपने पति भगवान राम के लिए आहार बनाती थी ।
सरयू घाट: यह नदी भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से होकर बहती है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। सरयू नदी का उल्लेख ऋग्वेद, रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है।
राम की पैड़ी: राम की पैड़ी, अयोध्या में सरयू नदी के किनारे बने घाटों की एक श्रृंखला है, जिसका नामकरण भगवान राम के यहां स्नान करने और उनके पदचिह्न पड़ने की पौराणिक मान्यता के कारण हुआ है, और अब यह दीपोत्सव व अन्य आयोजनों का केंद्र है, जिसमें सुंदर लाइटिंग और धार्मिक गतिविधियां होती हैं.
दशरथ महल: भगवान श्री राम जी के पिता जी का ये महल बताया जाता है । दशरथ महल उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित है ।यह मंदिर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक बंद रहता है
गुप्तार घाट: गुप्तार घाट अयोध्या का एक पवित्र और ऐतिहासिक घाट है, जहाँ पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री राम ने सरयू नदी में जल समाधि लेकर अपने लोकवास की लीला संपन्न की थी, इसलिए इसे ‘गुप्तार’ घाट (गुप्त होने का स्थान) कहा जाता है
तुलसी उद्यान: संत कवि तुलसीदास की स्मृति और सम्मान में बनाया गया एक शांत, हरा-भरा पार्क है, जो पहले विक्टोरिया पार्क के नाम से जाना जाता था और 1963 में एक समाजसेवी द्वारा इसका नाम बदलकर तुलसी उद्यान कर दिया गया, कहा जाता है कि रामचरितमानस की रचना यही हुईं थीं |
श्री नागेश्वर नाथ मंदिर अयोध्या: श्री नागेश्वर नाथ मंदिर को भगवान राम के पुत्र कुश जी ने बनवाया था ।
देवकाली मंदिर: भगवान राम और उनके वंश से जुड़ा है; यह रघुवंशी राजाओं द्वारा स्थापित किया गया और पूजी गई, राम की कुलदेवी हैं, जहाँ माता सीता भी पूजा करती थीं, और यह मंदिर महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती का एक अनोखा संगम है |
मणि पर्वत: त्रेतायुग से जुड़ा एक प्राचीन स्थल है, जिसके दो मुख्य पौराणिक संदर्भ हैं: विवाह के समय राजा जनक द्वारा दिए गए मणियों का ढेर, और दूसरा, हनुमान जी द्वारा लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी ले जाते समय पर्वत का एक अंश गिरना।
नया घाट: अयोध्या सरयू नदी के किनारे स्थित है, इसलिए यहां पर 50 से ज्यादा घाट है । नया घाट अयोध्या के प्रसिद्ध घाटों में से एक है । दिवाली के लिए यहां पर लाखों दिए जलाएं जाते है जो विश्व प्रसिद्ध है नए घाट की दिवाली।
सूरज कुण्ड: माना जाता है कि इस कुंड का निर्माण अयोध्या के सूर्यवंशी शासकों ने किया था, इस कुंड के साथ ही भगवान सूर्य का एक मंदिर भी है जो सूर्यवंशियों के लिए सूर्य देव की आस्था का प्रतीक माना जाता है |
गुलाब बाड़ी: इस बेहद पुराने शहर में राम मंदिर के अलावा भी कई ऐसे दर्शनीय स्थल और ऐतिहासिक इमारतें हैं, जिसकी शोहरत पूरी दुनिया में है. ऐसी ही एक मशहूर इमारत है शहर की गुलाब बाड़ी | गुलाब बाड़ी का मतलब ही है गुलाबों का बाग है, जिसे फैजाबाद के तीसरे नवाब सिराजुद्दौला ने बनवाया था |
अयोध्या के प्रसिद्ध और स्थानीय भोजन:
अयोध्या, जाए तो इन स्थानीय स्वादों का अनुभव जरूर करे।
* मालपुआ
* खीर
* पूरी सब्जी
* दही जलेबी
* चाट पकौड़ी
* खस्ता
* राम रसोई प्रसाद
* पान
अयोध्या में जाने का सबसे अच्छा समय:
अयोध्या भारत का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां आप साल के किसी भी मौसम में दर्शन के लिए आ सकते है। लेकिन अयोध्या जाने का सबसे अच्छा महीना अक्टूबर से मार्च तक के बीच का होता है। इस समय अयोध्या में मौसम बेहद सुखद और सुकून भरा होता है ।
अयोध्या में दीपावली, रामनवमी और सावन के महीने में अपार भीड़ होती है जो देखने लायक है।
अयोध्या कैसे जाएं ?
अयोध्या दर्शन करने के लिए , देश के सभी परिवहन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है ,जैसे रेलवे मार्ग, हवाई मार्ग और सड़क मार्ग से आप पहुँच सकते है।
रेलमार्ग से अयोध्या कैसे जाएं ?
आप अगर कम बजट में यात्रा करना चाहते है तो रेलवे का विकल्प सबसे अच्छा होगा, अयोध्या रेलवे मार्ग भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है।
अयोध्या में दो प्रमुख रेलवे स्टेशन है:
* अयोध्या कैंट ( जिसे आप पहले फैजाबाद रेलवे स्टेशन के नाम से जानते थे )
* अयोध्या धाम जंक्शन
अयोध्या कैंट से राम जन्म भूमि की दूरी लगभग 10km है। आपको वहां से बड़े आसानी से ऑटो रिक्शा, ई रिक्शा और कैब भी बुक करके राम जन्म भूमि तक जा सकते है।
अयोध्या धाम जंक्शन से आप राम जन्म भूमि मंदिर लगभग 2km है, जो आप बड़े आसानी से पैदल यात्रा करके दर्शन कर सकते है।
विशेष बात: अगर आप रेल मार्ग से बनारस की ओर से अयोध्या दर्शन हेतु आ रहे है तो आप अयोध्या धाम जंक्शन पर उतरे।
और अगर आप लखनऊ की तरफ से रेल मार्ग से आ रहे तो अयोध्या कैंट या फिर अगला स्टेशन अयोध्या धाम जंक्शन है वहां उतर जाए।
अयोध्या हवाई मार्ग से कैसे जाएं ?
आप अगर हवाई मार्ग से अयोध्या यात्रा कर रहे है तो यहां का नजदीकी एयरपोर्ट महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट है,, जो भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां से राम जन्म भूमि दूरी लगभग 12 Km. है। एयरपोर्ट से अयोध्या धाम के लिए आपको ऑटो रिक्शा, टैक्सी, ई रिक्शा और बस जैसे विकल्प मिले जाएंगे।
अयोध्या सड़क मार्ग से कैसे जाएं ?
अयोध्या भारत का एक प्राचीन मुख्य धार्मिक स्थल है , जो भारत के विभिन्न राज्यों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप अगर अपनी कार से अयोध्या आना चाहते है तो GPS या Google Map का उपयोग करके आसानी से अयोध्या दर्शन कर सकते है।
आप अगर अयोध्या बस के माध्यम से आना चाहते है तो UPSRTC (उ०प्र० राज्य सड़क परिवहन निगम) कि नियमित बस सेवाएं लखनऊ, गोरखपुर, बनारस और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से अयोध्या के लिए चलती है।
अयोध्या में रुकने की जगह:
अयोध्या एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल होने के कारण यहां पर हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं,अयोध्या में रुकने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं, आप अपने बजट के अनुसार विकल्प पसंद कर सकते हैं।
अयोध्या में कई धर्मशाला और आश्रम भी हैं जहां पर आपको एक और नॉन एसी कमरे मिल जाएंगे इसके अलावा यहां पर होटल गेस्ट हाउस और 3 से 5 स्टार होटल की सुविधा आपको उपलब्ध हो जाएगी।
आपको प्रतिरात ₹200 से ₹500 में साधारण कमरे और शुद्ध शाकाहारी भोजन वाले धर्मशालाएं आश्रम मिल जाएंगे।
अयोध्या घूमने में कितना खर्च आयेगा ?
अयोध्या एक धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है, और यहां पर यात्रा करना आमतौर पर किफायती होता है, अयोध्या जाने का खर्चा आपका प्रवास के समय रुकने की जगह आप वहां पर कैसा खाना खाते हैं, आप अयोध्या कैसे पहुंचते हैं, और वहां क्या गतिविधियां करते हैं, उसे पर निर्भर करता है।
नोट: हां,एक बात का ध्यान दीजिएगा अयोध्या घूमते वक्त आपके पास अपना एक पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर आईडी आदि) का होना अति आवश्यक है।
निष्कर्ष:
अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का संगम है, इस लेख में हमने आपको अयोध्या में घूमने की जगह, अयोध्या की यात्रा से जुड़ी आवश्यक सभी जानकारी संक्षेप में बताई है, आशा करते हैं कि यह लेख आपको अयोध्या की यात्रा करने में मददगार साबित होगा।
जाने अयोध्या में घूमने की प्रसिद्ध जगह, दर्शनीय स्थल, खर्चा, जाने का समय

अयोध्या दर्शन Ayodhya Darshan
