सिद्धार्थनगर, भारत के उत्तर– प्रदेश राज्य के उत्तर पूर्वी सीमा पर स्थित एक जिला है, यह मुख्य रूप से भगवान गौतम बुद्ध के बचपन के स्थान “कपिलवस्तु” (वर्तमान पिपरहवा) के कारण प्रसिद्ध है, जहां उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन व्यतीत किया था।
स्थान: यह नेपाल की सीमा से सटा हुआ है और उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र पूर्वांचल में स्थित है, इसका जिला मुख्यालय नौगढ़ (सिद्धार्थनगर) है
प्रसिद्धि का कारण:
बौद्ध धर्म का केंद्र: यह कपिलवस्तु के प्राचीन शहर के लिए प्रसिद्ध है, जहां बुद्ध ने अपना प्रारंभिक जीवन बिताया था।
पिपरहवा स्तूप: सिद्धार्थनगर के बर्डपुर के पास स्थित पिपरहवा में एक विशाल बौद्ध स्तूप और मठो के अवशेष पाए गए हैं।
ऐतिहासिक स्थल: यह क्षेत्र शाक्य वंश की राजधानी थी।
पर्यटन: यह बौद्ध तीर्थ यात्रियों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिले पर्यटन के लिहाज से विश्व प्रसिद्ध है, यूपी में रहने वाले आगरा, वाराणसी, अयोध्या और मथुरा तो घूम लेते हैं। लेकिन इस बार नेपाल सीमा पर बसे जिले सिद्धार्थ नगर की सैर कर सकते हैं। सिद्धार्थनगर राजधानी लखनऊ से 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जिले का नाम महात्मा बुद्ध के बचपन के नाम “सिद्धार्थ” पर रखा गया है। सिद्धार्थनगर का संबंध महात्मा “बुद्ध” से जुड़ा हुआ है, सिद्धार्थनगर में कई पर्यटन स्थल हैं जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
स्थापना: इस जिले का गठन 1988 में बस्ती जिले के उत्तरी हिस्से को अलग करके किया गया था।
यहां के प्रमुख आकर्षण स्थलों में पिपरहवा स्तूप, भारत भारी मंदिर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और बुद्ध विहार पार्क शामिल है।
सिद्धार्थनगर का पुराना नाम “नौगढ़” है, जो इस जिले का मुख्यालय भी है इस क्षेत्र का नाम भगवान बुद्ध के बचपन के नाम “सिद्धार्थ” पर रखा गया है क्योंकि यह क्षेत्र कपिलवस्तु के करीब है जहां बुद्ध ने अपना प्रारंभिक वर्ष बिताए थे।
सिद्धार्थनगर राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है।
शोहरतगढ़ पैलेस: सिद्धार्थनगर के सबसे सुंदर स्थलों में से एक शोहरतगढ़ पैलेस है, इतिहास पसंद लोग महल घूमने आ सकते हैं। यह महल राजा के साथ ही शाही परिवार से जुड़ी कई तस्वीरें देखने को मिल जाएंगी।
योग माया मंदिर: सिद्धार्थनगर के जोगिया गांव में योग माया मंदिर स्थित है मानता है कि सोमवार और शुक्रवार को देवी योग माया माता के दर्शन करने और प्रसाद चढ़ाने आती है, आसपास के लोग मुंडन संस्कार के लिए इस मंदिर में आते हैं। और मंदिर परिसर में मौजूद पवित्र नदी में डुबकी लगाते हैं। महामाया मंदिर के नाम से भी यह जगह प्रसिद्ध है जो कि “गौतम बुद्ध” की मां के नाम पर रखा गया था।
बुद्ध विहार पार्क: सिद्धार्थनगर में बुध विहार नाम का सुंदर पार्क है यह नौगढ़ में स्थित है। इस पार्क में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित है बच्चों के लिए झूले सुंदर फूलों वाले पौधे लगे हैं, और आप छुट्टी का आनंद यहां ले सकते हैं।
पिपरहवा स्तूप: यह क्षेत्र सिद्धार्थनगर का बहुत ही विकसित क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यहां पर सुगंधित काला नमक चावल का उत्पादन होता है जिसे भारत सरकार द्वारा GI टैग भी मिला है। पिपरहवा अपने पुरातात्विक स्थल एवं खुदाई के लिए जाना जाता है। एक विशाल स्तूप और कई मठों के खंडहर का अवशेष अवस्थित है, कुछ विद्वानों का मत है कि पिपरहवा गवरिया शाक्य साम्राज्य की राजधानी कपिलवस्तु के प्राचीन शहर की जगह है, जहां भगवान बुद्ध ने अपने जीवन काल के 29 साल व्यतीत किए थे।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु:
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर 17 जून 2015 को कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एक राज्य विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय ने 2015-16 में सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर के कॉलेज में अपना पहला सत्र शुरू किया यह कॉलेज पहले दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबंध थे। प्रत्येक वर्ष यह विश्वविद्यालय मार्च के महीने में वार्षिक परीक्षा आयोजित करता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में बीकॉम विषय की पढ़ाई शुरू की गई है।
बांसी का मेला: सिद्धार्थनगर जिले के बांसी शहर में जनपद सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक और धार्मिक मेला लगता है। जो माघ मास में लगने वाला यह मेला श्रद्धा, आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। दूर-दूर से श्रद्धालु पवित्र स्नान पूजा पाठ और मेले की रौनक बढ़ाने के लिए इस मेले में आते हैं, और यह मेल एक महीने का होता है।
सिद्धार्थ नगर कैसे पहुंचे:
जनपद सिद्धार्थनगर सीधी सड़क मार्गों और रेलवे के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। जिला मुख्यालय नौगढ़ उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ से सड़क के माध्यम से 4 घंटे 30 मिनट में पहुंचा जा सकता है। राजधानी लखनऊ से सिद्धार्थनगर की दूरी लगभग 300 किमी० है।
ट्रेन द्वारा: जनपद के प्रमुख रेलवे स्टेशन बढ़नी, शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर जनपद मुख्यालय, उसका बाजार तथा बृजमनगंज देश के प्रमुख स्टेशनों जैसे गोरखपुर लखनऊ दिल्ली और मुंबई से जुड़े हुए हैं।
फ्लाइट द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा महा योगी गोरखनाथ हवाई अड्डा गोरखपुर उत्तर प्रदेश का है। जो जनपद सिद्धार्थनगर महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा गोरखपुर उत्तर प्रदेश से लगभग 90 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
बस के द्वारा: उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से UPSRTC की बसें सिद्धार्थनगर को जोड़ती हैं।

